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इस भव्य पत्थर की पूजा करके घर और दफ्तर में महालक्ष्मी की प्राप्ति होती है और घर वैभव से भर जाता है।

शालिग्राम की पूजा के लिए तुलसी का ही प्रयोग करें। ऐसा करने से व्यक्ति को शीघ्र ही भगवान की कृपा का लाभ मिलता है।

शालीग्राम और देवी तुलसी का विवाह करने पर सभी प्रकार के शत्रुता, पारिवारिक समस्याएं, पाप, संघर्ष, दुख, रोग आदि नष्ट हो जाते हैं।

मां तुलसी और शालिग्राम का विवाह समर्पण भाव से करने से वैसा ही पुण्य प्राप्त होता है जैसा कन्या दान करने से होता है।

इनकी पूजा करने से सभी प्रकार की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक समस्याओं का समाधान होता है।

जिस घर में भगवान शालिग्राम की शिला स्थित होती है उसे तीर्थ के समान माना जाता है।

पूजा के समय भोग में अर्पित चरणामृत का सेवन करने से भक्त को चारों धामों का पुण्य फल प्राप्त होता है।


Shaligram एक पवित्र पत्थर है जो गणेकी नदी में पाया जाता है जो नेपाल के मुक्टिनाथ क्षेत्र में पाया जाता है.

असली शालिग्राम की पहचान क्या है?

शालिग्राम में दिखते हैं भगवान विष्णु के अनेक रूप
भगवान विष्णु के अवतारों के अनुसार, शालिग्राम यदि गोल है तो वह भगवान विष्णु का गोपाल रूप है। मछली के आकार का शालिग्राम श्रीहरि के मत्स्य अवतार का प्रतीक माना जाता है। यदि शालिग्राम कछुए के आकार का है तो इसे विष्णुजी के कच्छप और कूर्म अवतार का प्रतीक माना जाता है।

शालिग्राम कैसे प्राप्त करें?

यह शिवलिंग से मिलता-लता एक पत्थर होता है जो कि नेपाल के मुक्तिनाथ, काली गंडकी नदी के तट पर ही पाया जाता है। शिवलिंग शिवजी तो शालिग्राम भगवान विष्णु का विग्रह रूप है। यह बहुत जाग्रत होते हैं। मान्यता है कि घर में भगवान शालिग्राम हो, वह तीर्थ के समान माना जाता है।


विष्णु पुराण में यह कहा गया है कि एकादशी के दिन चावल खाने से व्यक्ति के सभी पुण्य समाप्त हो जाते हैं, क्योंकि चावल मुख्य रूप से भगवान का भोजन है। इसलिए जहां तक संभव हो एकादशी तिथि के दिन चावल का निषेध करें जिससे किसी भी पाप से बचा जा सके।

Where is original Shaligram found?

A shaligram, also called a shalagram shila (Devanagari: शालिग्राम शिला Śāligrāma-śilā), is a particular variety of stone collected from riverbed or banks of the Kali Gandaki, a tributary of the Gandaki River in Nepal, used as a non-anthropomorphic representation of Vishnu by some Hindus.

Which river is famous for Shaligram?

Shaligram is a blackstone brought from Gandaki river in Nepal. It is most revered stone worshipped by Vishnu Bhakts.

What is real Shaligram?

Shaligram is a blackstone brought from Gandaki river in Nepal. It is most revered stone worshipped by Vishnu Bhakts. According to Shastras, keeping Shaligram ji benefits the family in 6 dimensions: Noble way of life, Wealth, Protection from evil, good health, worldly pleasures and blessing from Lord Vishnu. 

शालिग्राम का मतलब क्या होता है?

Shaligram Bhagwan: भगवान विष्णु के निराकार तथा विग्रह रूप को शालिग्राम कहा जाता है। जिस प्रकार भगवान शिव का उनके निराकार रूप शिवलिंग का पूजन होता है, उसी प्रकार भगवान विष्णु का विग्रह रूप शालिग्राम है।

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