Dakshinavarti Shankh Original
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Dakshinavarti Shankh Original (Big Size) / दक्षिणावर्ती शंख

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दक्षिणावर्ती शंख की पहचान क्या है? original Dakshinavarti shankh

वामावर्ती शंखों का पेट बायीं तरफ खुला हुआ रहता है. जबकि दक्षिणावर्ती शंख का मुख दायीं तरफ होता है. शास्त्रों में इस शंख का कल्याणकारी और शुभ माना गया है.
इसकी एक पहचान और भी बताई गई है, वो ये है कि इस शंख को कान पर लगाने से ध्वनि सुनाई देती है.

दक्षिणावर्ती शंख घर में कैसे रखें? Dakshinavarti shankh placement

दक्षिणावर्ती शंख को घर में रखना बहुत शुभ माना गया है इस शंख को घर में रखने के लिए कुछ नियम का ध्यान रखना जरूरी है
सबसे पहले लाल रंग का एक कपड़ा ले। इसके बाद दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भर दें.
इसके बाद इस मंत्र का एक माला जाप करें-
‘ॐ श्री लक्ष्मी सहोदराय नम:’
मंत्र का जाप करने के बाद दक्षिणावर्ती शंख को लाल कपड़े में लपेट कर, मंदिर में उचित स्थान पर रखे . शुक्रवार के दिन इस शंख की विशेष पूजा करें.
पूजा के बाद इससे बजाना चाहिए.

दक्षिणावर्ती शंख और वामावर्ती शंख में क्या अंतर् है ?

भगवान् विष्णु दक्षिणावर्ती शंख धारण करते हैं तो माता लक्ष्मी वामावर्ती शंख धारण करती हैं. घर में वामावर्ती शंख हो तो धन का कभी अभाव नहीं होता.
भगवान कृष्ण के पास पाञ्चजन्य शंख था, जिसकी ध्वनि कई किलोमीटर तक सुनी जाती थी.कहा जाता है कि महाभारत की लड़ाई में पाञ्चजन्य शंख की ध्‍वनि से
श्रीकृष्‍ण पांडवों की सेना उत्‍साह का संचार करते थे तो दूसरी ओर, कौरव खेमे में भय का माहौल कायम हो जाता था.
वामावर्ती शंखों का पेट बायीं तरफ खुला हुआ रहता है. जबकि दक्षिणावर्ती शंख का मुख दायीं तरफ होता है. दक्षिणावर्ती शंख की एक पहचान और भी बताई गई है
की इस शंख को कान पर लगाने से ध्वनि सुनाई देती है. वामावर्ती शंख पूजा में शंखनाद के काम आता है, क्योंकि वामवर्ती शंख मुख्य रूप से केवल बजाने के काम आता है,
और दक्षिणावर्ती शंख का पूजा में विशेष महत्त्व है, श्रीहरि विष्णु ने दक्षिणावर्ती शंख को अपने दाहिने हाथ में धारण कर लिया था।

घर में कितने शंख रखने चाहिए? dakshinavarti shankh benefits

1.घर में हमेशा दो शंख होने चाहिए. एक शंख से भगवान की पूजा, उनका अभिषेक किया जाता है, दूसरे को बजाया जाता है. लेकिन जिस शंख से आप भगवान की पूजा करते हैं,
उसे कभी न बजाएं वर्ना भगवान नाराज हो सकते हैं और आपको जीवन में कष्टकारी परिणाम देखने पड़ सकते हैं.
2.ध्यान रखें कि पूजा घर में एक ही शंख रखा जाए. भगवान की पूजा के साथ उस शंख की भी पूजा करनी चाहिए.
3.पूजा में इस्तेमाल किए जाने वाले शंख को हमेशा पानी भरकर रखना चाहिए. पूजा के बाद इस पानी का छिड़काव घर में और घर के सदस्यों पर करने से तमाम समस्याएं दूर होती हैं.
4.जिस शंख को बजाते हैं, उसे एक सफेद वस्त्र में लपेटकर पूजा के आसपास किसी स्थान पर रख सकते हैं. बजाने से पहले शंख को गंगाजल से साफ करना चाहिए.

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दक्षिणावर्ती शंख क्या काम आता है?

जिस घर में दक्षिणावर्ती शंख होता है उसके घर में लक्ष्मी जी का वास माना जाता है. ऐसे घर पर लक्ष्मी जी की विशेष कृपा बनी रहती है. आर्थिक संकट दूर होता है. शंख की ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती है |

 

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