durga gayatri mantra-अचूक मंत्र है ये माँ दुर्गा का

maa durga gayatri mantra


माँ दुर्गा मंत्र के विषय मे बात करेंगे । गायत्री मंत्र अपने सुना होगा । 24 देवी देवता मा गायत्री के अंतर्गत आते है । ऐसे मे माँ दुर्गा के गायत्री मंत्र का नित्य जाप करते है । इसका विशेष फल आपको प्राप्त होता है । अआप सभ

maa durga gayatri mantra


माँ दुर्गा मंत्र के विषय मे बात करेंगे । गायत्री मंत्र अपने सुना होगा । 24 देवी देवता मा गायत्री के अंतर्गत आते है । ऐसे मे माँ दुर्गा के गायत्री मंत्र का नित्य जाप करते है । इसका विशेष फल आपको प्राप्त होता है । अआप सभी जाते है।

gayatri mantra


गायत्री मंत्र आप सभी जाते है। ॐ भुव भुवस्य।

durga gayatri mantra benefits


इस मंत्र का उच्चारण अगर कोई इंसान सूर्य अर्ग देते हुए करता है। अगर एक माला प्रतिदिन करता है। इसका विशष फल जो ऊर्जा हमें प्राप्त होती है । मंत्र का विशेष उद्देश्य ,हमें ऊर्जा प्राप्त करना है है। मन्त्र द्वारा हम आत्मा के लिए ऊर्जा प्राप्त करना है । आत्मा को हम मंत्र दवरा तृप्त करते है । माँ दुर्गा के मंत्र को प्राप्तिदीन करना चाहिए । माँ दुरंगा की विशेष कृपा बानी रहती है । माँ गायत्री बुध्दि ,सिद्धि का फल प्रदान करने वाली है । 24 देवी देवताओ मे से एक माँ दुर्गा भी आती है । क्या है उनका गायत्री मंत्र ।

Gayatri Mantra 108 Times


दुर्गा गायत्री मंत्र :-
ॐ कात्यायन्ये च विद्महे कन्याकुमार्यै च धीमहि !
तन्नो दुर्गा प्रचोदयात !

MANTRA FOR GODDESS DURGA


इस प्रकार से यह मंत्र था । इसको आपको रुद्राक्ष की माला से इसका जाप करे। नित्य अथवा शाम कालीन को जाप करे । ३ माला जाप करे । अगर 3 माला जाप नहीं कर सकते है । माँ दुर्गा का एक माला से जाप करे । आप पर माँ दुर्गा का आशीर्वाद बना रहेगा । इस मंत्र का विशेष प्रभाव है । इस मंत्र के बाद जब आपको जो ऊर्जा आपको प्राप्त होगी । आप इस मंत्र का जाप करे । जल्द से जल्द बदले ।

maa durga mantra-माँ दुर्गा का अदभुत दिव्या मंत्र

maa durga mantra

आप जानते है इस कलयुग मे दरिद्रता श्राप बन चूका है । इस कलयुग मे सम्मानित वयक्ति उसके पास नहीं जाते है । हर कोई उनसे कटा कटा रहता है ।जिसको धनि की कमी है । कलयुग मे इसको चोर समझा जाता यही ।जायदातर देखने को मिलता है ।

durga gayat

maa durga mantra

आप जानते है इस कलयुग मे दरिद्रता श्राप बन चूका है । इस कलयुग मे सम्मानित वयक्ति उसके पास नहीं जाते है । हर कोई उनसे कटा कटा रहता है ।जिसको धनि की कमी है । कलयुग मे इसको चोर समझा जाता यही ।जायदातर देखने को मिलता है ।

durga gayatri mantra

भगवान के पास वही जाते है,जो जन्म से गरीव है या फिर कर्म से गरीब है ।गरीब से ज्यादा भगवान की पूजा कोई नहीं करता है । अमीर बनने के लिए गरीब बहुत ज्यादा कोशिस करते है । वो हर बार कोशिस करते है । वो प्रभुभक्ति मे लीन है फिर भी नहीं पहुंच पाते है । ऐसा क्या करना चाहिए ।

durga dhyan mantra

धरम शास्त्रों मे कहा गया है ।भगवान को प्राप्त करना बहुत मुश्किल है ।अगर आप कोशिस करे ,आप इस कलयुग मे उद्धार कर पाएंगे ।अपने कर्मो के माध्यम से आप अमीर बन सकते है । अगर कुछ पाना है , कुछ खोना भी पड़ेगा ।उस चीज को पाने के लिए हम हमेशा संघर्ष करते है । फल की प्राप्ति जरूर होगी । मे उस आदिशक्ति की बात कर रहा हु ।ब्रम्हा ,विष्णु ,महेश सभी की शक्ति है इस मे ।

maa durga mantra

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै
तीन नेत्र पहले माँ दुर्गा के पास ही थे ।उसके बाद त्रिनेत्रधारी शिव कहलाये । उसके पीछे बहुत बड़ी कहानी है ।ऐसे मा जगदम्बा को कैसे खुस करे । एक ऐसा शाबर मंत्र आप एक माला जाप करते है । आपके सारी दरिद्रता दूर हो जाएगी।

Durga saptashati mantra

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
एक माला अगर आप करते है । किसी भी देवी देवता की पूजा करने की जरुरत नहीं पड़ेगी

12 jyotirlinga mantra- जानिए 12 ज्योतिर्लिंग मंत्र के बारे मे

12 jyotirlinga mantra

आज हम आपको बताएँगे भगवन शिव के ऐसे तथ्य के बारे मे । आपको बता दे भगवन शिव के अलग अलग ज्योतिय लिंगा है ।शिव के रूप मे ये ज्योतिलिंग अलग अलग जगह पर विद्यमान है। संस्कृत मे श्लोको के माद्यम से भी बताया गया है ।

jyotirlinga mantra

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12 jyotirlinga mantra

आज हम आपको बताएँगे भगवन शिव के ऐसे तथ्य के बारे मे । आपको बता दे भगवन शिव के अलग अलग ज्योतिय लिंगा है ।शिव के रूप मे ये ज्योतिलिंग अलग अलग जगह पर विद्यमान है। संस्कृत मे श्लोको के माद्यम से भी बताया गया है ।

jyotirlinga mantra

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालमोंकारंममलेश्वरम्॥

astadasa sakthi peetam stotram

परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम्।
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥

ardhanareeswara stotram

वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।
हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥
एतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रातः पठेन्नरः।

ardhnarishwar mantra

सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥
एतेशां दर्शनादेव पातकं नैव तिष्ठति।
कर्मक्षयो भवेत्तस्य यस्य तुष्टो महेश्वराः॥:

powerful mantra

इस तरह से यह द्वादश ज्योतिलिंग के नाम भी है ।यह भी इसमें बताया गया है ।इनमे जाप मात्रा से आपका कल्याण हो जायेगा । भगवन शिव आपको कृपा से फलीभूत रखेंगे । भगवन शिबव की परम कृपा आप पर बानी रहेगी । वे आपको धन धन्य होंगे । भगवन शिव की कृपा से आप खुश रहेंगे । हमारे शिव पुराण मे भी यह बताया गया है ।जो भी इन द्वादश ज्योतिलिंग का नाम उच्चारण कर लेता है ।

durga mantra 108

उसके घर मे शिव ,पार्वती सहित भगवन गणेश भी वास करते है । उस घर मे सदा खुसी का मौहाल बना रहता है ।आप इन द्वादश ज्योतिलिंगो के नाम का उच्चारण करे ।

Durga beej mantra - जानिए दुर्गा बीज मंत्र क्या है ?

durga beej mantra

आपने दुर्गा गायत्री बीज के बारे मे सुना होगा। बीज मंत्र से ऊर्जा का संचार होता है। बीज मंत्र से आपके अंदर की ऊर्जा बढ़ाने लगती है। उसी ऊर्जा के माद्यम से बड़ी से बड़ी परेशानी को सफल कर पाते है। आप प्रभु से प्रार्थना करते है

durga beej mantra

आपने दुर्गा गायत्री बीज के बारे मे सुना होगा। बीज मंत्र से ऊर्जा का संचार होता है। बीज मंत्र से आपके अंदर की ऊर्जा बढ़ाने लगती है। उसी ऊर्जा के माद्यम से बड़ी से बड़ी परेशानी को सफल कर पाते है। आप प्रभु से प्रार्थना करते है। हे ,प्रभु मेरी ये प्रार्थना स्वीकार करो ।

durga beej mantra 108

इस मनोकामना को पूर्ण करो। अगर आप किसी कामना से कर रहे हो। अगर आपने सच्चे दिल से ये किया है। अगर आप भगवन तक पहुंचना चाहते है। आपको इसका फल जरूर मिलेगा। जो भी निश्वार्थ भाव से करते है ।आपने सुना होगा। एक पेड़ रोपण से पहले जो भी बीज डाला। जितना महत्व उसका होता है। उसी प्रकार से हर मंत्र मे बीज मंत्र का होता है।

durga beej mantra benefits

जो आधार है किस चीज का का ,अगर आप किसी मनोकामना से रहित किसी चीज का जाप करते है । जो भी आप चाहते है। वह अवस्य ही हो जाता है। हम बात कर रहे है। मा दुर्गा के बीज मंत्र के बारे मे। माँ दुर्गा के 9 बीज मंत्रो मे से एक मंत्र विशेष बताया गया है। माँ के अंतिम रूप को माँ सिद्धरात्रि बताई गयी है। अंतिम नौवीं के दिन पूजा करते है। इस दिन कन्याओं को भोजन भी कराया जाता है।

pooja ka saman

कन्याओं को उपहार,कपडे आदि दिए जाते है। यह इसीलिए किया है ,इस दिन नौ रूपों मे मा भगवती कन्याओं के रूप मे आती है । आपकी जो भी मनोकामना होती है ।वह उसको पूरी करती है।

what is durga mantra

क्या यह मंत्र है। इस मंत्र को आपको बता रहा हु ।

om aim hrim klim chamundaye viche 108 times

|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||

mata kalratri

माँ सिद्धरात्रि और कालरात्रि का बीज मंत्र है। इनके नौ अलग अलग बीज मंत्र है।

mata siddhidatri mantra

एक विषेशता और है माँ दुर्गा के मंत्र को डुंग कहा गया है। दू मे छोटे ऊ की मात्रा है । इस मतलब है.दू का बीज मंत्र कहा जाता है। अगर आप इसमें जोड़ देते है। इसका फल ऑर् भी प्रगाढ़ हो जाता है। उनके मनोरथ पूर्ण होते हुए दीखते है । आपकी सभी मनोकामना होगी । इतनी विषेशता इस बीज मंत्र की है। इसको नौवीं थिति से पहले आप एक एक हज़ार जाप एक दिन मे करना होता है ।जैसे ही आपके 9 हज़ार जाप पुरे हो जाये।

navratri havan mantra

आपको 251हवन करने पर देने आपको देनी होती है। आपका ध्यान पूर्ण हो जायेगा। आपकी मनोकामना मा भगवती पूरी करेगी। अपने अपनी माता का दिल देखा होगा। आपको इसको जरूर देखा। यह मन गया है। आप गुप्त नवरात्र मे इसका विधान कर सकते है। आप शुक्ल पक्ष के दिन कर सकते है।